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बुधवार, दिसंबर 01, 2010

Azamgarh Bloggers Association : एक रचनात्मक प्रयास

आजमगढ़ (उर्दू: اعظم گڑھ) का नाम देश-विदेश में अनजाना नहीं है. उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल में स्थित आजमगढ़ जिले के साथ-साथ एक मंडल (कमिश्नरी) भी है. बताते हैं कि इस शहर की स्थापना लगभग 1665 ई. में विक्रमजीत के पुत्र आजम खान ने करवाई थी। आजम खान के नाम पर ही यहाँ का नाम आजमगढ़ पढ़ा. शहर की पूर्व दिशा पर तमसा नदी के तट पर आजम खान ने एक किले का निर्माण भी करवाया था। भौगौलिक रूप से देखें तो आजमगढ़ की स्थिति 26°04′N 83°11′E / 26.06, 83.19. पर है। यहां की औसत ऊंचाई है 64 मीटर (209 फीट)।

आजमगढ़ शहर अपनी साहित्य-संस्कृति-शिक्षा के लिए आरंभ से ही मशहूर रहा है. गंगा और घाघरा नदियों के मध्य बसा तमसा नदी के पवन तट पर स्थित आजमगढ़ अनेक ऋषियों की पुण्यभूमि रही है. आजमगढ़ को यह गौरव प्राप्त है की वह राहुल सांस्कृत्यायन, अयोध्या सिंह उपाध्याय' हरिऔध' , मौलाना शिबली नोमानी और कैफी आज़मी जैसे महापुरुषों की जन्म-स्थली रही है. आज भी यहाँ से तमाम राजनेता-प्रशासक-शिक्षाविद-साहित्यकार-कलाकार-व्यवसायी-खिलाडी देश-दुनिया में अपने नाम का डंका बजाते नजर आते हैं. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे राम नरेश यादव यहीं की देन हैं, तो चंद्रजीत यादव, अमर सिंह जैसे तमाम चर्चित राजनेता भी यहीं की पैदाइश हैं. मशहूर हिंदी अभिनेत्री और सोशल एक्टिविस्ट शबाना आजमी का यहाँ से पुराना रिश्ता है. यह एक लम्बी सूची है....

फ़िलहाल इस ब्लॉग का उद्देश्य आजमगढ़ के गौरवशाली पक्ष को प्रस्तुत करने के साथ-साथ यहाँ की विभूतियों, नवोदित प्रतिभाओं और प्रसिद्द स्थानों इत्यादि के बारे में जानकारी के अलावा आजमगढ़ के लोगों को एक मंच पर रचनात्मक रूप से इकठ्ठा करना है.ताकि एक-दूसरे से परस्पर संवाद बन सके. इस ब्लॉग पर वाकई आप आजमगढ़ के उस रूप के दर्शन कर सकेंगे, जिसके लिए वह विख्यात है न कि जिसके लिए पिछले कुछ समय से उसे बदनाम किया जा रहा है. आशा है आप सभी का सहयोग हमें प्राप्त होगा.

कृष्ण कुमार यादव