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रविवार, नवंबर 03, 2013

हे दीप मालिके तेरा स्वागत



हे दीप मालिके तेरा स्वागत,

अभिनंदन

तेरी आगवानी में बिछी पलकें ,

तेरा वंदन।

अपनी जहाँ में बरसे खुशियाँ

हर घर आंगन,

दीनता हो कोसो दूर,

हर दिल बसे स्वर्णिम सद्भावना ,

जातिवाद अब ना

समता की उपजे हर दिल सदभावना ,

दुनिया जाने

जातिवाद कुचला है मनोकामना,

दीप मालिके मिट जाए

अपनी जहां से हर तम,

अपनी जहॉ में दीप मालिके,

तेरा आना मंगलमय हो 
,
तेरा अभिनंदन दीप मालिके

पूरी होवे मनोकामना।


- डा . नन्दलाल भारती -